नेत्रदान से मिली 42 को रोशनी पहली बार देख पाएंगे होली के रंग ,,
साल 2019-20 में 61 लोगों का कराया गया नेत्रदान

रायपुर, 27 अगस्त // स्वास्थ्य विभाग छत्तीसगढ़ शासन द्वारा हर साल लोगों को नेत्रदान के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसके चलते इस साल बिलासपुर स्थित सिम्स मेडिकल कॉलेज में 42 लोगों की कार्निया रिप्लेस कर उनके जीवन में नई रोशनी लाई गई है। यह सभी 42 लोग अपने मन की नहीं बल्कि अपनी आखों से होली के रंग देख पाएंगे। सिम्स के आई डिपार्टमेंट से मिली जानकारी के अनुसार लोगों में इसके प्रति जागरूकता बढ़ रही है। यही कारण है कि हर साल अधिक संख्या में लोग आई डोनेट करने के लिए संकल्प पत्र भर रहे हैं।
सिम्स के नेत्र रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. मीता श्रीवास्तव ने बताया कि इस साल कोरोना संक्रमण के चलते वह लोग नेत्रदान के लिए उतना अच्छा काम नहीं कर पाए, लेकिन इसके बाद भी साल 2019-20 में 61 लोगों का सफल नेत्रदान कराया जा सका है। इतना ही नहीं 548 लोगों ने नेत्रदान के लिए संकल्प पत्र भरा है। लोगों का नेत्रदान के प्रति रुझान बढ़ने के चलते ही सिम्स के नेत्ररोग विशेषज्ञ इस साल 42 लोगों की कार्निया रिप्लेस कर उनकी अंधेरी जिंदगी में उजाला ला पाए हैं।
क्या कहते हैं आँकड़े ….
हाल ही में संपन्न नेशनल सर्वे ऑफ ब्लाइंडनेस (2015-19) केअनुसार देश में कॉर्निया ब्लाइंडनेस की व्यापकता के कुल मामले लगभग 8% की दर से बढ़े हैं और इसमें हर साल लगभग 20,000 नए मामले जुड़ रहे हैं । ऐसे लोगों में कॉर्निया प्रत्यारोपण से आँखों की रोशनी वापस लायी जा सकती है। कॉर्निया प्रत्यारोपण की आवश्यकता दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। वर्तमान में सरकारी और गैर-सरकारी क्षेत्रों में काम करने वाले नेत्र बैंकों के प्रयासों से लगभग 60,000 से 65,000 आँखों का संग्रह किया जा रहा हैं। हालाँकि नेत्रदान में अभी प्रगति तो हुई है लेकिन यह पर्याप्त नहीं है क्योंकि हमें प्रति वर्ष लगभग 2 लाख कॉर्निया की आवश्यकता होती है।
इस तरह करें नेत्रदान ….
सिम्स में कार्यरत नेत्रदान सलाहकार धर्मेंद्र कुमार देवांगन बताते हैं कि नेत्रदान के लिए दानदाता को एक संकल्प पत्र भरना होता है। इसके बाद भविष्य में जब भी उसकी मृत्यु होती है तो उसकी सूचना परिजनों द्वारा तुरंत दी जाती है और सिम्स की टीम 6 घंटे के भीतर मृतक की कार्निया को डोनेट कराती है। इसके लिए दानकर्ता के परिवार की रजामंदी जरूरी होती है। इसके बाद ही नेत्रदान पूरी तरह सफल हो पाता है। अगर कोई नेत्रदान करना चाहता है तो वह राज्य के किसी भी मेडिकल कॉलेज में संपर्क कर सकता है। बिलासपुर के लोग सिम्स के फोन नंबर 07752-222301 या फिर मोबाइल नंबर 8305018903 में संपर्क कर सकते हैं।
परिवार के लोग यह बरते सावधानी …
नेत्रदान के लिए संकल्प पत्र भर चुके महिला या पुरुष किसी की भी मृत्यु हो जाती है तो उनके परिवारवालों को सबसे पहले इसकी सूचना 6 घंटे के भीतर दिए गए नंबर पर देनी होगी। इसके साथ ही मृतक की आंखों के ऊपर गीले कपड़े पट्टी रख दें। सिर के नीचे तकिया लगा दें और कमरे में लगे पंखों को बंद रखें। आपको बता दें कि मोतियाबिंदु ऑपरेशन करा चुके, चश्मा लगने वाले, बीपी, सुगर पेशेंट का भी नेत्रदान किया जा सकता है। केवल एचआईवी, हेपेटाइटिस और सेकलिस बीमारी से ग्रसित व्यक्ति की आंखे दान नहीं की जाती हैं।
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