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फर्जी रसीदों के जरिए सैकड़ों गरीबों से आवास के नाम पर की गई लाखों की लूट ,, अटल आवास आवंटन के फर्जीवाड़े की जांच में और कितने दिन लगाएगी जांच कमेटी..? आखिर कौन दे रहा अभयदान ..?

गरीबों के लिए बने अटल आवास आवंटन के फर्जीवाड़े की जांच में और कितने दिन लगाएगी जांच कमेटी..? ,,

बेघरबार गरीबों से हजारों रुपए वसूल कर जिस के हस्ताक्षर से फर्जी रसीदें जारी हुई है उसे कौन अभयदान दे रहा…? ,,

जांच को निष्पक्ष बनाने के लिए सबसे पहले अपने दस्तखत से गरीबों को फर्जी रसीदें जारी करने वाले की “बलि” जरूरी ,,

निगम में अंदरखाने चर्चा हो रही कि कम से कम 3 से 400 लोगों के साथ हजारों रुपए लेकर की गई है, आवास आवंटन की धोखाधड़ी ,,

बिलासपुर (शशि कोन्हेर) // अरपापार सरकंडा क्षेत्र में गरीब गुरबा और बेघर बार लोगों के लिए बने अटल आवास समेत तमाम आवासों के आवंटन में फर्जीवाड़े की जांच कर रही 3 सदस्य कमेटी की रिपोर्ट पर पूरे शहर की नजर लगी हुई है। लोगों को यह उम्मीद तो है कि जिस तरह आवास आवंटन फर्जीवाड़ा उजागर होते ही नगर निगम महापौर रामचरण यादव एवं निगमायुक्त प्रभाकर पांडे के द्वारा आनन-फानन तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया गया। उससे सब को यह भरोसा है कि यह जांच कमेटी दूध का दूध और पानी का पानी करेगी।

नगर निगम में अधिकारियों और कर्मचारियों से लेकर तमाम हमले में चल रही अंधाधुंध बेदखली की व्यस्तता सबको दिखाई दे रही है।लेकिन इसके बावजूद लोगों को आवास आवंटन में फर्जी रसीदों के जरिए सैकड़ों लोगों से हजारों हजार रुपए वसूल कर उदरस्थ करने वाले काकस को बेपर्दा करने में देर नहीं करनी चाहिए। जैसे-जैसे इसमें देर हो रही है शहर के लोगों को लीपापोती की आशंका हो रही है। यह साफ कहा जा रहा है कि फर्जी रसीदों के जरिए आवास आवंटन फर्जीवाड़ा करने वालों ने कम से कम 300 लोगों को लाखों रुपए का फटका लगाया है।

जाहिर है कि ऐसा धतकरम करने वालों के चेहरे से शराफत का नकाब जितनी जल्दी हो उतारा जाना चाहिए। और बिना देर किए जांच रिपोर्ट सार्वजनिक कर इन के खिलाफ कार्रवाई का सिलसिला प्रारंभ करना चाहिए। और इसकी शुरुआत उन लोगों से की जानी चाहिए, जो फर्जी रसीदों में दस्तखत करने से लेकर पूरा माल गोलमाल करने और इसकी साजिश रचने में आकंठ डूबे हुए हैं।

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