बेखौफ कराया जा रहा बीच शहर अवैध काम्प्लेक्स का निर्माण … नालो को भी बर्षों से नही बख्श रहे लोग, खड़खड़िया नाला के आसपास भी नाले पर बना दिया गया मकान … पूरा प्रशासनीक अमला दे रहा चुप्पी साध मौन सहमति …

मुंगेली // शहर के भीतर ही प्रशासनिक लापरवाहियों अथवा धन बल के प्रभाव के साथ ही बर्षो राजनैतिक खुमारी दिखा अवैध निर्माण कर शहर का नक्शा ही प्रभावित कर दिया गया है।आश्चर्यजनक बात यह भी देखी गयी ये सारे लोग आर्थिक रुप से सम्पन्न लोग ही नालो के ऊपर मकान, सरकारी जमीनों को अतिक्रमण कर भूअभिलेख में छेड़छाड़ करा अतिक्रमण कर बैठे है।जिसका दुष्प्रभाव अब इन नालो में बहने वाले भयंकर बारिश के दौरान जलभराव हो रहा है और गरीब बेचारे तबाही देख रहे है।आज अगर नालो में अतिक्रमण रोका जाता तो शायद हल्की बारिश में ही जलभराव की स्थिति निर्मित नही होती।जिला प्रशासन अविलंब ये नालो के अतिक्रमण बल पूर्वक बहाल कराए ताकि भविष्य में कोई भयावह स्थिति ना बने।इसके साथ ही नगर पालिका क्षेत्र में अवैध निर्माण तो मानो एक परंपरा जैसी हो चुकी है इन अवैध निर्माण कर्ताओं का कोई बाल भी बांका नही कर पा रहा है चाहे ऐसे प्रशासनिक उदासीनता कहे या फिर धनबल प्रभाव मगर शहर भीतर अवैध निर्माण निरंतर जारी है।

कोई भी गरीब व्यक्ति अगर बड़ी मुश्किल से अपना मकान या जीवन-यापन के लिए छोटा दुकान बनवाता हैं तो मुंगेली वनगर पालिका की तिरछी नजर कार्यवाही के लिए तत्काल पड़ती है ये ढर्रा कई वर्षों से यह खेल नगर पालिका में चलता आया हैं, जिस पर कई बार गरीबों एवं जनता के कोपभाजन का शिकार नगर पालिका को होना पड़ा। परंतु सबसे बड़ी ताज्जुब की बात तो यह हैं कि मुंगेली नगर पालिका क्षेत्रान्तर्गत मल्हापारा शंकर मंदिर तालाब के सामने ही एक विशालकाय व्यवसायिक काम्प्लेक्स का निर्माण किया जा रहा हैं, मुंगेली नगर पालिका से इस कॉम्प्लेक्स के सम्बंध में सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी गई थी, जिस पर जनसूचना अधिकारी, भवन अनुज्ञा शाखा एवं लोक निर्माण शाखा ने आवेदक को जानकारी देते हुए बताया कि मुंगेली नगर पालिका क्षेत्रान्तर्गत मल्हापारा शंकर मंदिर के आगे रवि गैस एजेंसी के सामने शंकर वार्ड में तालाब के सामने बन रहे व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स से सम्बंधित कोई भी दस्तावेज, नस्ती, प्रमाणपत्र व जानकारी भवन अनुज्ञा शाखा नगर पालिका में नही हैं, और जानकारी को निरंक बता दिया गया। अब यहाँ सबसे बड़ा सवाल यह उठता हैं कि जब निर्माणाधीन उस व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स के अनापत्ति सहित अन्य दस्तावेज नगर पालिका में नही हैं तो फिर किस आधार पर इतने बड़े कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जा रहा हैं ?

आखिरकार ऐसी कौन सी मजबूरी है जिसके चलते कार्यवाही करने नगर पालिका के हाँथ कांप रहे, क्योंकि इस व्यवसायिक काम्प्लेक्स का बहुत काम जैसे छत ढलाई, दीवार निर्माण, सीढ़ी जैसे काम लगभग चल रहे उसके बाद भी क्या नगर पालिका के अधिकारियों या कर्मचारियों की नजर इस कॉम्प्लेक्स पर नही गई होगी ? कॉम्प्लेक्स के सम्बंध में नगर पालिका में कोई दस्तावेज नही हैं ऐसे में ऐसा कौन सा विभाग या अधिकारी हैं जिनके अनुमति से ये काम्प्लेक्स निर्माण कराया जा रहा, ये बात जनता जानना चाहती हैं।
Author Profile
Latest entries
बिलासपुर26/01/2026प्रेस क्लब गृह निर्माण सहकारी समिति मर्यादित, बिलासपुर के पदाधिकारियों व सदस्यों ने की मुख्यमंत्री में मुलाकात…
बिलासपुर16/01/2026BNI बिलासपुर व्यापार एवं उद्योग मेला: 29 जनवरी से 3 फरवरी तक, मेला पत्रिका का हुआ विमोचन.. सम्मान, प्रतियोगिता और सांस्कृतिक रंगों से सजेगा शहर..
Uncategorized14/01/2026बड़ी खबर : सर्राफा एसोसिएशन ने दुकानों में हेलमेट और बुर्का पहनकर प्रवेश पर लगाया प्रतिबंध… नवापारा-राजिम लूटकांड के बाद लिया अहम फैसला..
प्रशासन14/01/2026राजस्व कार्रवाई या साजिश ?.. करबला में सीमांकन ने बढ़ाई राजनीतिक गर्मी… एकतरफा सीमांकन से राजस्व अमला कटघरे में ?..
