बिलासपुर // केरल से झारखंड जाने के लिए निकले मजदूर कल रात बिलासपुर स्टेशन पर आकर फंस गये क्योंकि आगे जाने के लिए कोई ट्रेन या बस थी। इसकी जानकारी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को मिली। मुख्यमंत्री ने मानवीय संवेदना की पहल करते हुए जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि उनको भोजन व चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराते हुए सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाये। मुख्य मंत्री के निर्देश पर आज इन मजदूरों को बसों की व्यवस्था कर उनके घरों के लिए रवाना कर दिया गया है। स्टेशन पर असम, पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा के मजदूर भी फंसे हुए थे उन्हें भी गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है।
एर्नाकुलम-बिलासपुर एक्सप्रेस से केरल में मजदूरी करने वाले 237 यात्री मजदूर बिलासपुर स्टेशन पर कल रात पहुंचे। आगे जाने के लिए उनकी व्यवस्था नहीं थी। सोशल मीडिया के जरिये मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के ध्यान में यह बात लाई गई। उन्होंने तत्काल जिला प्रशासन को इस सम्बन्ध में निर्देश दिया। उनके निर्देश पर यात्रियों से प्रशासन के अधिकारियों ने सम्पर्क किया। स्टेशन पर ही उनके भोजन और रुकने की व्यवस्था की गई और आवश्यकता अनुसार चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई गई। आज झारखंड के यात्रियों को सकुशल बसों में बिठाकर छत्तीसगढ़ की सीमावर्ती जिला बलरामपुर भेजा गया। यहां से झारखंड प्रशासन के अधिकारी उन्हें उनके गंतव्य तक पहुंचायेंगे। बसों में बैठने के बाद इन मजदूरों के चेहरे में राहत व प्रसन्नता दिखाई दी। यात्रियों ने इस व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का आभार माना और उन्हें धन्यवाद दिया।
झारखंड के सिमरेगा के संदीप बड़ाईक, थॉमस मिंज, कुल्लू, गढ़वा जिले के हेमन्त कुमार, दिनेश, पलामू जिले के खुर्शीद, तैहर अंसारी, मो. अंसारी, मुश्ताक अंसारी आदि के चेहरे पर बस पर बैठते ही संतोष का भाव था कि वे अब अपने घर तक सकुशल पहुंच जायेंगे। उन्होंने बताया कि उनके घर वाले बहुत परेशान हैं। कई लोगों की माता-बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने अपने परिजनों को सूचना दे ही है कि वे बिलासपुर से छत्तीसगढ़ शासन की व्यवस्था से अपने घरों के लिए रवाना हो गये हैं। इन यात्रियों को रास्ते के लिए भी भोजन का पैकेट दिया गया है।
इसी ट्रेन से बिलासपुर पहुंचे केरल से ही आये ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम, बिहार के यात्रियों को भी उनके गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा की जा रही है। अभी उन्हें रैन बसेरों में ठहराया गया है, जहां उनके रहने, खाने और चिकित्सा की पूरी सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
कलेक्टर डॉ. संजय अलंग व पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल के मार्गदर्शन में इन मजदूरों के लिए सारी व्यवस्था की गई और उन्हें गंतव्य के लिए रवाना किया गया।
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