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विधायक की गिरफ्तारी तक नहीं लौटेंगे काम पर: तहसीलदार-नायब तहसीलदारों की हड़ताल लगातार जारी…

बिलासपुर, जून, 03/2026

विधायक की गिरफ्तारी तक नहीं लौटेंगे काम पर: तहसीलदार-नायब तहसीलदारों की हड़ताल लगातार जारी…

नायब तहसीलदार से मारपीट मामले में पूरे प्रदेश में राजस्व अमला आंदोलनरत; तहसील कार्यालयों का कामकाज प्रभावित…

बिलासपुर। सीतापुर में नायब तहसीलदार से कथित मारपीट के मामले ने अब प्रदेशव्यापी आंदोलन का रूप ले लिया है। विधायक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर तहसीलदार और नायब तहसीलदार अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल पर हैं। आंदोलन बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। राजस्व अधिकारियों का साफ कहना है कि जब तक आरोपी विधायक की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक उनकी हड़ताल समाप्त नहीं होगी।

राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के समर्थन से आंदोलन लगातार मजबूत होता जा रहा है। हड़ताल के चलते प्रदेशभर के तहसील कार्यालयों में कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। अधिकांश कार्यालय बाबुओं के भरोसे संचालित हो रहे हैं, जबकि नामांतरण, सीमांकन, जाति, निवास और आय प्रमाण पत्र सहित अन्य राजस्व कार्यों के लिए पहुंच रहे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

दरअसल, सीतापुर के राजापुर उप तहसील में पदस्थ नायब तहसीलदार तुषार मानिक ने 27 मई को सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके समर्थकों पर मारपीट का आरोप लगाया था। मामले को और गंभीर बनाते हुए सीतापुर एसडीएम फागेश सिन्हा ने भी कहा था कि उनके सामने विधायक और उनके समर्थकों ने नायब तहसीलदार की पिटाई की।

घटना के बाद पुलिस ने विधायक समेत 10 समर्थकों के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया, लेकिन अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। इसी बात को लेकर राजस्व अधिकारियों में नाराजगी है और वे लगातार आंदोलन कर रहे हैं।
वहीं मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब विधायक की बहन सीमा धनिक ने नायब तहसीलदार पर अभद्र व्यवहार और धक्का-मुक्की का आरोप लगाते हुए सीतापुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने इस शिकायत के आधार पर नायब तहसीलदार के खिलाफ भी अपराध दर्ज किया है।

इस बीच, नायब तहसीलदार तुषार मानिक ने मीडिया के सामने पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए नार्को टेस्ट कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सबसे पहले उनका और उसके बाद विधायक, उनकी बहन तथा एक अन्य महिला का नार्को टेस्ट कराया जाए, ताकि सच जनता के सामने आ सके।

अब सबकी निगाहें प्रशासन और पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। वहीं, राजस्व अधिकारियों का आंदोलन लंबा खिंचने की स्थिति में आम जनता की मुश्किलें और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

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Lokesh war waghmare - Founder/ Editor