बिलासपुर, अगस्त, 03/2026
पटवारियों का फूटा आक्रोश: पदोन्नति में वर्षों की देरी और वेतन विसंगति से नाराज,, संघ ने कलेक्टर से की तत्काल कार्रवाई की मांग…
बिलासपुर। जिले के राजस्व पटवारियों ने पदोन्नति प्रक्रिया में हो रही लगातार देरी और वेतन निर्धारण में व्याप्त विसंगतियों को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए शीघ्र समाधान की मांग की है। राजस्व पटवारी संघ, छत्तीसगढ़ की ओर से दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि वर्षों से पदोन्नति नहीं होने और वेतन संबंधी त्रुटियों के कारण पटवारियों में व्यापक असंतोष व्याप्त है, जिससे उनके मनोबल और कार्यकुशलता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
संघ ने बताया कि वर्तमान व्यवस्था में पटवारियों की पदोन्नति के लिए कोई निश्चित समय-सीमा निर्धारित नहीं है। परिणामस्वरूप अनेक कर्मचारी पूरे सेवाकाल में एक ही पद पर कार्य करते हुए उसी पद से सेवानिवृत्त हो जाते हैं। संघ का कहना है कि यह स्थिति न केवल कर्मचारियों के साथ अन्याय है, बल्कि विभागीय कार्यप्रणाली को भी प्रभावित कर रही है।
ज्ञापन में मांग की गई है कि पटवारियों की पदोन्नति के लिए स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित की जाए तथा राजस्व निरीक्षक (आरआई) के पदों पर सीधी भर्ती की व्यवस्था पूरी तरह समाप्त कर सभी रिक्त पद केवल पदोन्नति के माध्यम से भरे जाएं। संघ ने यह भी सुझाव दिया कि पदोन्नति का 50 प्रतिशत हिस्सा वरिष्ठता के आधार पर तथा शेष 50 प्रतिशत विभागीय परीक्षा के आधार पर किया जाए। साथ ही लंबे समय से लंबित पदोन्नति प्रक्रिया को तत्काल प्रारंभ करने की मांग भी की गई है।
विजय भारत साहू, जिलाध्यक्ष पटवारी संघ
पटवारी संघ ने वेतन निर्धारण में गंभीर विसंगतियों का मुद्दा भी उठाया। ज्ञापन के अनुसार वर्ष 2010 बैच के पटवारियों में 1 जुलाई 2025 की स्थिति में ग्रेड पे ₹2200 से ₹2400 होने पर मूल वेतन ₹36,200 निर्धारित है, जबकि ग्रेड पे ₹2200 से बढ़कर ₹2400 और फिर ₹2800 होने के बावजूद मूल वेतन ₹35,300 निर्धारित किया गया है। संघ का कहना है कि उच्च ग्रेड पे मिलने के बाद मूल वेतन कम होना वेतन संरचना के मूल सिद्धांतों के विपरीत है। उनके अनुसार ऐसी स्थिति में मूल वेतन ₹36,400 होना चाहिए था। इसी प्रकार की विसंगतियां अन्य भर्ती बैचों में भी मौजूद हैं।
संघ ने चेतावनी दी कि यदि वेतन संबंधी त्रुटियों का समय रहते निराकरण नहीं किया गया तो कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ कोष एवं लेखा सत्यापन में कठिनाइयों, अनावश्यक रिकवरी, भविष्य की वेतन वृद्धि, पदोन्नति, पेंशन तथा अन्य सेवा लाभों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
राजस्व पटवारी संघ ने कलेक्टर से मांग की है कि लंबित पदोन्नति प्रक्रिया तत्काल प्रारंभ कराई जाए, पदोन्नति नीति में आवश्यक सुधार किए जाएं तथा सभी भर्ती बैचों की वेतन विसंगतियों का परीक्षण कर न्यायसंगत समाधान सुनिश्चित किया जाए। संघ ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेगा।
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