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बिलासपुर के बाल संप्रेक्षण गृह में फिर सुरक्षा पर सवाल,, नाबालिग किशोर ने बाथरूम में फांसी लगाकर दी जान…

बिलासपुर, अगस्त, 18/2026

बिलासपुर के बाल संप्रेक्षण गृह में फिर सुरक्षा पर सवाल,, नाबालिग किशोर ने बाथरूम में फांसी लगाकर दी जान…

पिछले एक महीने में चौकीदार की हत्या,, आरोपियों की फरारी के बाद अब नाबालिग की आत्महत्या,, सेंट्रल जेल में भी 50 दिनों में 5 मौतें…

बिलासपुर। बिलासपुर के सेंट्रल जेल और बाल संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा व्यवस्था इन दिनों गंभीर सवालों के घेरे में है। सेंट्रल जेल में जहां पिछले करीब 50 दिनों में पांच बंदियों की मौत हो चुकी है, वहीं बाल संप्रेक्षण गृह में करीब एक महीने पहले चौकीदार की हत्या और आरोपियों के फरार होने की घटना के बाद अब एक 17 वर्षीय किशोर द्वारा आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने दोनों संस्थानों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जानकारी के अनुसार दुष्कर्म के मामले में निरुद्ध 17 वर्षीय किशोर को स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त को रायगढ़ जिले के धर्मजयगढ़ क्षेत्र स्थित बाल संप्रेक्षण गृह से बिलासपुर लाया गया था। मंगलवार को वह बाल संप्रेक्षण गृह के वाशरूम में चौखट पर गमछे के सहारे फांसी के फंदे पर लटका मिला। घटना की सूचना मिलते ही सरकंडा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।

पुलिस घटना से पहले की परिस्थितियों, किशोर की मानसिक स्थिति और आत्महत्या के संभावित कारणों की जांच कर रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि किशोर ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया। पुलिस की जांच और अन्य तथ्यों के सामने आने के बाद ही आत्महत्या की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है।

बाल संप्रेक्षण गृह में यह कोई पहली गंभीर घटना नहीं है। करीब एक महीने पहले यहां तैनात एक चौकीदार की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या और मामले से जुड़े नाबालिगों के फरार होने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी थी। उस घटना के बाद निगरानी और सुरक्षा को लेकर सवाल उठे थे। अब एक किशोर के परिसर के भीतर ही फांसी लगाकर जान देने की घटना ने एक बार फिर व्यवस्थाओं पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।

पंकज पटेल, एएसपी सिटी

वहीं दूसरी ओर बिलासपुर सेंट्रल जेल में भी पिछले करीब 50 दिनों में पांच मौतें हो चुकी हैं। लगातार सामने आ रही मौतों और घटनाओं के बीच अब बाल संप्रेक्षण गृह की घटना ने प्रशासन की निगरानी व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर दिया है। सवाल यह है कि संवेदनशील संस्थानों में सुरक्षा और निगरानी के इंतजाम आखिर कितने प्रभावी हैं ? फिलहाल सरकंडा पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही घटना की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो पाएंगी।

 

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Lokesh war waghmare - Founder/ Editor

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