एसईसीएल के हसदेव प्रक्षेत्र के विद्युत और यांत्रिकी विभाग में 75 लाख के हुए टेंडर को अधिकारी ने निरस्त कर दिया है। टेंडर निरस्त होने के बाद ठेकेदार ने अधिकारी पर 2 लाख रुपए रिश्वत की डिमांड करने का आरोप लगाया है। ठेका कंपनी के संचालक ने इसकी शिकायत एसईसीएल मुख्याल से लेकर सभी जगह की है। ठेका कंपनी के संचालक और अधिकारी के बीच हुई बातचीत की रिकार्डिंग ठेकेदार के पास मौजूद है। टेंडर निरस्त करने के बाद अधिकारी ने दुबारा नई निविदा जारी की है, नई निविदा पर रोक लगाने ठेकेदार ने सीएमडी से मांग की है।
बिलासपुर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए ठेकेदार आशुतोष जायसवाल ने बताया कि वे पिछले 20 वर्षों से एसईसीएल की अलग अलग कंपनियो और क्षेत्रो में ठेकेदारी कर रहे है और NIT में भाग लिए थे टेंडर कमेटी ने उन्हें टेक्निकल क्वालीफाई करते हुए प्राइसबीड ओपन किया था जिसमे उन्हें L1 घोषित किया गया जिसमें रेट का प्राइस जस्टिफिकेशन E & M Department ने 11 जुलाई को मेल द्वारा मांगा गया।
जवाब दावा आपत्ति के लिए पर्याप्त समय नही दिया…
ठेकेदार जायसवाल ने अपनी शिकायत में कहा है कि रेट को असामान्य बता कर जवाब के लिए नोटिस जारी किया गया पहले नोटिस मे मुझे सिर्फ 48 घंटे का समय दिया गया और दूसरे नोटिस में जानबूझ कर सिर्फ 24 घंटे का वक़्त दिया गया इतने कम समय के बावजूद मेरे द्वारा समय सीमा के अंदर जवाब दे दिया गया। इससे प्रक्रिया को देख अधिकारी की मंशा को समझा जा सकता है। इस टेंडर में अधिकारी ने अकेले ही सारे निर्णय ले लिए जबकि टेंडर के लिए एक समिति होती है। किसी गड़बड़ी पर कमेटी ही निर्णय लेती है। टेंडर निरस्त करने के लिए चलाए गए नोटशीट में कमेटी के सदस्यों की राय नही ली गई।
अधिकारी ने कहा टेंडर चाहिए तो मुझसे आकर मिलो नही तो तिकड़म करके निरस्त कर दूंगा…
ठेकेदार जायसवाल ने बताया कि 15 जुलाई को कॉन्फ्रेंस कॉल के माध्यम से संजीव आनंद ( GM / SO ( E & M ) , SECL Hasdeo Area ) का फोन आया और उन्होंने मुझसे कहा कि यदि आपको कार्यादेश (Workorder) जारी कराना हो तो मुझसे आकर मिलो नहीं तो कुछ ना कुछ तिकड़म लगा कर टेन्डर कैंसिल कर दिया जाएगा। जायसवाल ने कहा कि इसकी Voice Recording भी मेरे पास उपलब्ध है। मैं जब उनसे मिलने गया तो उनके द्वारा मुझसे दो लाख रूपये की डिमांड की गई, जिसे मैंने देने से इंकार कर दिया तो उनके द्वारा मुझे धमकी दी गई कि वह मेरा टेन्डर कैंसिल कर देंगे और EMD भी जप्त कर लेंगे। संजीव आनंद के ने यह भी कहा कि मैं तो इसी माह (जुलाई 2022 ) में रिटायर्ड ( सेवामुक्त ) हो जाऊंगा और तू मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते, तुम्हें जो करना हो कर के देख लेना।
हसदेव क्षेत्र में एसईसीएल के एक अधिकारी पर मीडिया में टेंडर फ़ाइनल ना करने को लेकर आरोप लगाए जा रहे हैं । सम्बंधित अधिकारी कल सेवनिवृत हो रहे हैं और आज मीडिया में सनसनीख़ेज़ रूप से बातें एक कॉंट्रैक्टर द्वारा रखी गई है । ना तो
कोई पुख़्ता दस्तावेज रखे गए हैं ना हीं निर्धारित प्रक्रिया के अंतर्गत शिकायत प्राप्त है। टेंडर कई कारणों से निरस्त हो सकते हैं।
शनिष चंद्रा, पीआरओ एसईसीएल बिलासपुर
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