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बिलासपुर में अपराध का खूनी चेहरा,, एक दिन में दो- दो हत्याएं और कई सवाल,, वारदात के बाद गिरफ्तारी लेकिन बढ़ते अपराध पर कब कैसे लगेगी लगाम ?… 

बिलासपुर, जून, 16/2026

बिलासपुर में अपराध का खूनी चेहरा,, एक दिन में दो- दो हत्याएं और कई सवाल,, वारदात के बाद गिरफ्तारी लेकिन बढ़ते अपराध पर कब कैसे लगेगी लगाम ?… 

बिलासपुर। शहर में महज 24 घंटे के भीतर हुई दो सनसनीखेज हत्याओं ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने दोनों मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार अथवा हिरासत में ले लिया है, लेकिन लगातार बढ़ती आपराधिक घटनाओं ने आम नागरिकों के मन में यह चिंता पैदा कर दी है कि आखिर अपराधियों में कानून का डर क्यों नहीं दिख रहा।

पहली वारदात सिरगिट्टी थाना क्षेत्र के गणेश नगर नयापारा स्थित आनंद गली में सामने आई। यहां 19 वर्षीय मोहम्मद इरफान उर्फ बघीरा का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच के दौरान मृतक के सिर और शरीर पर गंभीर चोटों के निशान पाए। जांच में हत्या की पुष्टि होने पर मृतक के पिता की शिकायत पर धारा 103 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया। एफएसएल और डॉग स्क्वॉड की मदद से जांच आगे बढ़ाई गई। प्रारंभिक जांच में गाली-गलौज से उपजे विवाद को हत्या की वजह माना जा रहा है। पुलिस ने दो संदेहियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

दूसरी घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र के मंगला इलाके में हुई, जहां एक बुजुर्ग ने अपनी 60 वर्षीय पत्नी की निर्मम हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार आरोपी पंचु ने चरित्र शंका और घरेलू विवाद के चलते अपनी पत्नी सुमित्रा पर चापड़ से गले और सिर पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया।

इन दोनों हत्याओं ने शहर में अपराध की बढ़ती घटनाओं को लेकर चिंता बढ़ा दी है। लोगों का कहना है कि पुलिस अपराध होने के बाद कार्रवाई तो करती है, लेकिन अपराधों की रोकथाम की दिशा में अपेक्षित परिणाम दिखाई नहीं दे रहे। यही कारण है कि अपराधी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।

दोनों मामलों में पुलिस की कार्रवाई तेज रही, लेकिन सवाल गिरफ्तारी का नहीं, बल्कि अपराध रोकने का है। यदि अपराधी हत्या जैसे जघन्य अपराध करने से पहले कानून के डर से नहीं कांप रहे, तो यह चिंता का विषय है। शहर में बढ़ती आपराधिक घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि केवल अपराधियों को पकड़ना पर्याप्त नहीं, बल्कि ऐसा माहौल बनाना भी जरूरी है जहां अपराध करने की हिम्मत ही न हो। आखिर अपराधियों के मन में पुलिस और कानून का वास्तविक खौफ कब दिखाई देगा, यह सवाल अब शहर के आमजनों की जुबान पर है

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Lokesh war waghmare - Founder/ Editor
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