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माता की भक्ति में निकलेगी 171 किलोमीटर की ध्वजा यात्रा, 40 से अधिक गांवों से होकर गुजरेगी यात्रा बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला की सात दिवसीय ध्वजा यात्रा 11 अक्टूबर से शुरू, 17 अक्टूबर को महामाया मंदिर रतनपुर में ध्वज प्रतिष्ठा के साथ होगा समापन

बिलासपुर, अक्टूबर, 10/2026

माता की भक्ति में निकलेगी 171 किलोमीटर की ध्वजा यात्रा, 40 से अधिक गांवों से होकर गुजरेगी यात्रा

बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला की सात दिवसीय ध्वजा यात्रा 11 अक्टूबर से शुरू, 17 अक्टूबर को महामाया मंदिर रतनपुर में ध्वज प्रतिष्ठा के साथ होगा समापन

बिलासपुर। शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर माता रानी की भक्ति, आस्था और सनातन परंपरा के भाव के साथ बेलतरा विधानसभा में सात दिवसीय ध्वजा यात्रा निकाली जाएगी। बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला के नेतृत्व में आयोजित यह यात्रा 11 अक्टूबर से प्रारंभ होकर 17 अक्टूबर तक चलेगी। लगभग 171 किलोमीटर लंबी इस धार्मिक यात्रा में बेलतरा विधानसभा के 40 से अधिक गांवों को शामिल किया गया है।

ध्वजा यात्रा का शुभारंभ नवरात्रि के पहले दिन रतनपुर स्थित गिरजाबंद हनुमान मंदिर में विधि-विधान से ध्वज पूजन के बाद होगा। इसके पश्चात श्रद्धालु ध्वजा लेकर विभिन्न गांवों से गुजरेंगे। यात्रा का समापन 17 अक्टूबर को रतनपुर स्थित मां महामाया मंदिर में ध्वज प्रतिष्ठा, पूजा-अर्चना और माता रानी के दर्शन के साथ किया जाएगा।

गांव-गांव में होगी पूजा-अर्चना, रात्रि विश्राम के साथ सांस्कृतिक आयोजन

इस सात दिवसीय यात्रा के दौरान गांवों में धार्मिक वातावरण देखने को मिलेगा। यात्रा जिस गांव से होकर गुजरेगी, वहां ग्राम देवताओं की पूजा-अर्चना भी की जाएगी। रात्रि विश्राम गांवों में ही रखा जाएगा, जहां श्रद्धा और भक्ति से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। इस दौरान ग्रामीणों को धार्मिक आयोजनों के माध्यम से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

राजनीति से दूर, केवल माता की भक्ति का संकल्प

विधायक सुशांत शुक्ला ने बताया कि ध्वजा यात्रा पूरी तरह धार्मिक आयोजन है। इसमें न कोई राजनीतिक मंच होगा और न ही भाषण। यात्रा का उद्देश्य माता रानी के प्रति श्रद्धा प्रकट करना, धार्मिक परंपराओं का निर्वहन करना और गांव-गांव में भक्ति का वातावरण निर्मित करना है।

उन्होंने बताया कि ध्वजा यात्रा का यह दूसरा वर्ष है। यात्रा के माध्यम से श्रद्धालु माता रानी के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हुए विभिन्न गांवों से गुजरेंगे और अंत में मां महामाया के दरबार में ध्वज अर्पित कर पूजा-अर्चना करेंगे।

नवरात्रि के पावन दिनों में आयोजित होने वाली यह सात दिवसीय यात्रा क्षेत्र में धार्मिक आस्था, परंपरा और सामूहिक सहभागिता का अवसर बनेगी।

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Lokesh war waghmare - Founder/ Editor
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