कांग्रेस का रेल रोको आंदोलन… घंटो रोकी गई मालगाड़ी… स्टेशन में जमकर हंगामा… नारेबाजी, धरना प्रदर्शन, झूमाझटकी…
बिलासपुर, सितंबर, 13/2023
रेलवे के बिलासपुर ज़ोन में पिछले 3 सालों में लगातार 67382 ट्रेनों को रद्द किया गया है। जिसके विरोध में कांग्रेस पार्टी ने प्रदेश के कई जिलों में रेल रोको आंदोलन किया। बिलासपुर में बड़ी संख्या में कांग्रेसियों ने स्टेशन में घुस कर घंटो तक मालगाडी को रोके रखा। कांग्रेस ने ट्रेनों को रोककर संदेश दे दिया है की यात्री ट्रेनों को निरस्त करना अब बर्दास्त नही किया जाएगा। रेल रोको आंदोलन के समय बिलासपुर रेलवे स्टेशन में जमकर हंगामा हुआ। नारेबाजी करते हुए सैकड़ों कांग्रेसी स्टेशन में घुस गए। सुरक्षा में तैनात RPF के जवान मुंह ताकते रह गए और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में घण्टेभर तक ट्रेनों रोके रखा। स्टेशन की पूरी व्यवस्था चरमरा गई थी। तैनात जवान कांग्रेस नेताओं को पटरी से उठा उठाकर प्लेटफार्म में चढ़ाते रहे, लेकिन कार्यकर्ता फिर से पटरियों कूद जाते। सुरक्षा में लगे पुलिस के जवानों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच ये कश्मकश घण्टेभर तक चलता रहा।

रेल रोको आंदोलन के दौरान प्रदेश के सभी जिला, ब्लॉक मुख्यालयों में एकत्रित होकर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने गाड़ियों को रोकने की रणनीति बनाई। इस आंदोलन को देखते हुए रेलवे ने चेतावनी दी थी कि अगर ट्रेन यातायात बाधित हुआ तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए आरपीएफ के साथ ही पुलिस की ड्यूटी भी लगाई गई। लेकिन कांग्रेस नेता और कार्यकर्ताओं ने रेलवे की चेतावनी को नजरअंदाज करते हुए ट्रेन रोक आंदोलन को सफल बनाया।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आव्हान पर जिला कांग्रेस कमेटी (शहर /ग्रामीण) ने आज बिलासपुर रेलवे स्टेशन के अलावा कोटा, बेलगहन, जयरामनगर स्टेशन में रेल रोको आंदोलन, धरना प्रदर्शन किया। सैकड़ो की संख्या में कांग्रेस जन मुख्य रेल्वे स्टेशन में घुस कर लम्बे समय तक रेल की परिचालन को बाधित किया और निरस्त ट्रेनों जल्द शुरू करने ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन लेने के लिए सीनियर डीसीएम खुद रेल लाइन में उतर कर आये शहर अध्यक्ष विजय पांडेय, ज़िला अध्यक्ष विजय केशरवानी, संसदीय सचिव श्रीमती रश्मि सिंह और विधायक शैलेष पांडेय से ज्ञापन लिया। रेल रोको आंदोलन में बिलासपुर, तख़्तपुर, सँकरी, बेलतरा, सीपत, रतनपुर समेत ग्रामीण क्षेत्र से सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए।

ट्रेन रोकने के पहले स्टेशन के बाहर कांग्रेसजनों ने की सभा…
शहर अध्यक्ष विजय पांडेय ने कहा कि बिलासपुर रेल्वे ज़ोन प्रति वर्ष लगभग 22 हजार करोड़ का मुनाफा देता है पर सुविधा के नाम केंद्र सरकार बिलासपुर को कुछ नही देती। चार साल से पैसेंजर गाडियां बन्द पड़ी है और नरेंद्र मोदी के मित्र अडानी की मालगाड़ी चल रही है। यह छत्तीसगढ़ की जनता के साथ सौतेला व्यवहार है।
ज़िला अध्यक्ष विजय केशरवानी ने कहा कि रेल देश की लाइफ लाइन है, जिसमे प्रतिदिन ऑस्ट्रेलिया की जन संख्या के बराबर यात्री सफर करते है। अधिकांश की जीविका रेल से चलती है कुली, ऑटो, रिक्शा, मूंगफली बेचने वाले, चना बेचने वाले आज बेरोजगार हो गए है। इन लोगों को घर चलाने के लिए मेहनत मजदूरी करना पड़ रहा है।

शैलेश पांडे ने कहा कि केंद्र सरकार और रेल मंत्रालय न जनता की सुन रही है ना जनप्रतिनिधियों की। इसे लेकर कांग्रेस के आंदोलन को ऑटो चालकों के समर्थन की भी बात उन्होंने कही। साथ ही कहा कि उनका आंदोलन क्रमिक चलता रहेगा। शैलेश पांडे ने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनका ऐसा ही रवैया रहा तो फिर जनता 2024 में इसका जवाब देगी। रेलवे को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध किया गया।
पर्यटन मण्डल अध्यक्ष अटल श्रीवास्तव ने कहा कि आज का रेल रोको आंदोलन केंद्र की मोदी सरकार को जगाने के लिए है। इसके बाद भी केंद्र सरकार पैसेंजर गाड़ी को सुचारू रूप से नही चलाएगी तो कोयला की परिवहन को रोक दिया जाएगा, तब केंद्र सरकार जागेगी। नरेंद्र मोदी अपने मित्र अडानी को लाभ पहुंचाने के लिए पैसेंजर्स गाड़ियों को बंद कर रहे है।

पैसेंजर ट्रेनों को रद्द और सुविधाओं में कटौती का आरोप…
कांग्रेस ने रेल सुविधाओं पर कटौती करने और के आरोप लगाए हैं। कांग्रेस का कहना है कि देश भर के 6,800 रेल स्टोपेज बंद किए गए, जिसमें से 200 अकेले छत्तीसगढ़ में हैं। वहीं साधारण पैसेंजर मेमू ट्रेन को स्पेशल ट्रेन बनाकर दोगुना किराया वसूला जा रहा है। इसके अलावा स्लीपर और सामान्य श्रेणी के डिब्बों की संख्या घटाई गई। पार्टी का दावा है कि पिछले साढ़े तीन साल में 67,382 ट्रेनों को रद किया गया। पार्टी का आरोप है कि मोदी सरकार देश की सबसे विश्वसनीय यात्री सेवा रेलवे सुविधा को समाप्त करने की साजिश रच रही है और जल्द इसे निजी हाथों में सौंपने का षड्यंत्र किया जा रहा है। कांग्रेस का कहना है कि छत्तीसगढ़ में बिना कोई कारण बताएं, बिना किसी ठोस वजह के यात्री ट्रेनों को अचानक रद्द कर दिया जाता है। रेलवे द्वारा यात्री ट्रेनों को महीना हफ्तों तक बंद करने का फरमान जारी कर दिया जाता है। ऐसे में महीना भर पहले यात्रा की योजना बनाकर रिजर्वेशन कराने वाले नागरिकों की परेशानी से रेलवे और केंद्र सरकार कोई मतलब नहीं रहता है।




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