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जल संसाधन विभाग में करोड़ो के घोटाले के संबंध में अधिकारी और सप्लायर के विरुद्ध संभाग आयुक्त ने दिए जांच के आदेश…

सरगुजा // आयुक्त सरगुजा संभाग अंबिकापुर द्वारा कार्यपालन अभियंता जल संसाधन संभाग क्रमांक 2 रामानुजगंज द्वारा आर०सी०सी० ह्यूम पाइप, चैनल स्टोन, बाउंड्री स्टोन सप्लाई में करोड़ों का घोटाला करने के संबंध में संबंधित अधिकारी एवं सप्लायर के विरुद्ध जांच का आदेश। डी०के० सोनी अधिवक्ता एवं आरटीआई कार्यकर्ता द्वारा कार्यपालन अभियंता जल संसाधन संभाग क्रमांक 2 रामानुजगंज द्वारा आर०सी०सी ह्यूम पाइप, चैनल स्टोन, बाउंड्री स्टोन सप्लाई में करोड़ों का घोटाला करने के संबंध में संबंधित अधिकारी एवं सप्लायर के विरुद्ध दिनांक 7/9/2020 को एक शिकायत आवेदन कमिश्नर सरगुजा के समक्ष प्रस्तुत किया गया था जिसमें निम्नलिखित तथ्यों पर शिकायत किया गया था कि कार्यालय कार्यपालन अभियंता जल संसाधन संभाग क्रमांक 2 रामानुजगंज जिला बलरामपुर-रामानुजगंज द्वारा वर्ष 2017 एवं 18-19 में लगभग 4 से 5 करोड रुपए का आर०सी०सी ह्यूम पाइप, चैनल एवं बाउंड्री स्टोन की खरीदी कागजों में किए गयी, तथा कागजों में जो खरीदी की गई उसमें भी काफी गड़बड़ी की गई है उक्त समस्त दस्तावेज सूचना के अधिकार के माध्यम से प्राप्त हुआ है। सर्वप्रथम खरीदी गई सामग्रियों के बिल की सूची जिसमें किस सप्लायर से विभाग द्वारा क्रय किया गया है उसका नाम तथा दिनांक एवं आर्डर नंबर एवं राशि का उल्लेख किया गया है। कार्यपालक अभियंता जल संसाधन संभाग क्रमांक 2 रामानुजगंज द्वारा जो जानकारी प्रदान की गई है उसमें कई ऐसे सप्लाई ऑर्डर लगाए गए हैं जो कि एक ही नंबर के आर्डर क्रमांक है, तथा एक ही दिनांक की है जिसमें सामग्री एक ही है और एक ही स्थान के लिए ह्यूम पाइप का सप्लाई आर्डर है, उसमें एक ही दिनांक में अधिकारी का हस्ताक्षर अलग-अलग है। उदाहरण स्वरूप आदित्य इंडस्ट्रीज मनेंद्रगढ़ रोड अंबिकापुर को दिनांक 24/9/2018 का सप्लाई आर्डर क्रमांक 4904 जिसमें गम्हरिया जलाशय हेतु 1000mm एनपी ह्यूम पाइप ढलाई चार्ज 32 प्रतिशत जीएसटी 18% अतिरिक्त का उल्लेख किया गया है तथा क्वांटिटी 100 नग/ 250 मीटर रेट 4291/-प्रति मीटर का उल्लेख किया गया है तथा राशि 1072.750/-का लेख किया गया है इसमें जो हस्ताक्षर किया गया है वह अलग है तथा इसी दिन आदित्य इंडस्ट्री मनेंद्रगढ़ रोड अंबिकापुर को सेम आर्डर दिया गया है तथा इतनी ही राशि का उल्लेख किया गया जिसमें अधिकारी का हस्ताक्षर अलग है।
कार्यालय कार्यपालन अभियंता जल संसाधन क्रमांक 2 रामानुजगंज द्वारा दिनांक 7/5/2018 को सप्लाई आर्डर नंबर 1621 जो आदित्य इंडस्ट्रीज मनेंद्रगढ़ रोड अंबिकापुर को दिया गया है उसमें 1200 एमएम एनपी-3 ह्यूम पाइप का सप्लाई ककनेशा जलाशय योजना के नहर कार्य हेतु किया गया है जिसमें 35 नग 875 मी० का उल्लेख है तथा 4291 रुपए प्रति मीटर का रेट लगाया गया है जिसकी कीमत 3,75,462 रुपए उसके ऊपर 32 प्रतिशत ढुलाई चार्ज एवं 18% जीएसटी भी जोड़ा गया है जिसमें कार्यपालन अभियंता का हस्ताक्षर है, इसी दिनांक को इसी जलाशय के लिए उपरोक्त सप्लाई आर्डर में दर्शाए गए सामग्रीयो एवं राशि का उल्लेख किया गया है लेकिन इस सप्लाई आर्डर में अधिकारी का हस्ताक्षर भिन्न है, जिससे यह स्पष्ट प्रमाणित है कि फर्जी तरीके से सप्लाई आर्डर तैयार कर फर्जी बिल वाउचर बनाकर करोड़ों रुपए का घोटाला एवं फर्जीवाड़ा सप्लायर से मिलकर किया गया है। कार्यपालन अभियंता जल संसाधन विभाग रामानुजगंज द्वारा आर०सी०सी ह्यूम पाइप, चैनल स्टोन, बाउंड्री स्टोन में खरीदी में काफी गड़बड़ी की गई है उपरोक्त हूम पाइप क्रय करने हेतु छत्तीसगढ़ शासन के सी०एस०आई०डी०सी के द्वारा पाइपों का रेट उसकी मोटाई, लंबाई, चौड़ाई के आधार पर निर्धारित की गई है तथा उपरोक्त पाइप सप्लाई करने वाले छत्तीसगढ़ में जितने भी सप्लायर हैं उनका विधिवत पंजीयन सी०एस०आई०डी०सी में किया गया है।तथा पूरे प्रदेश में मात्र 14 संस्था ही उपरोक्त हूम पाइप सप्लाई करने हेतु अधिकृत थे। छत्तीसगढ़ शासन के सी०एस०आई०डी०सी के द्वारा हूम पाइप का जारी दर दिया गया है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ में जितने भी सप्लायर उक्त पाइप सप्लाई करने हेतु रजिस्टर एवं ऑथराइज है। उसकी भी सूची दी गई है।
उपरोक्त हूम पाइप को फैक्ट्री से सप्लाई स्थल तक पहुंचाने हेतु छत्तीसगढ़ शासन के सी०एस०आई०डी०सी के द्वारा दूरी के हिसाब से रेट का प्रतिशत निर्धारित किया गया है। जैसे उदाहरण स्वरूप 50 किलोमीटर से 100 किलोमीटर की दूरी का प्रतिशत 21% निर्धारित किया गया इसी प्रकार से 100 से 150 किलोमीटर का 28% की दर निर्धारित किया गया है तथा 150 से 200 किलोमीटर का 31% का दर निर्धारित किया गया है तथा 200 के ऊपर 36% का दर निर्धारित किया गया है।
कार्यपालन अभियंता जल संसाधन विभाग क्रमांक 2 रामानुजगंज के द्वारा जितनी भी हूम पाइप ढुलाई की गई है। उसमें सभी की दूरी 150 से 200 किलोमीटर से अधिक का बताया गया है तथा 32% की दर से ढुलाई के चार्ज का भुगतान सप्लायर को किया गया है जो कि नियमों के विपरीत है। उदाहरण स्वरूप खरहरा डायवर्सन का ढलाई चार्ज 32% के हिसाब से किया गया है जबकि अंबिकापुर से खरहरा की दूरी 79.7 किलोमीटर है जिसके संबंध में गूगल मैप से निकाले गए सड़क की दूरी से साफ प्रमाणित होती है इसी प्रकार कोटराही जलाशय की दूरी 86.6 किलोमीटर है। दूरी का मैप भी शिकायत के साथ संलग्न किया गया है तथा लोधा जलाशय की दूरी 143 किलोमीटर है इसी प्रकार सुलसुली जलाशय, ककनेशा जलाशय, चाकी जलाशय एवं बसेरा खुर्द जलाशय से इन सभी की दूरी 100 से 130 के अंदर की है।
सप्लायर द्वारा जितनी भी आर०सी०सी पाइप की सप्लाई की गई है वह 100 से 150 किलोमीटर के अंदर की दूरी तक की गई है लेकिन सप्लायर द्वारा जो कार्यपालन अभियंता जल संसाधन क्रमांक 2 रामानुजगंज के यहां बिल लगाकर भुगतान प्राप्त किया गया है वह 150 से 200 किलोमीटर की दूर 32% के हिसाब से प्राप्त किया गया है जो नियमों के विपरीत है। तथा अधिकारी सप्लायर से मिलकर अधिक राशि भुगतान कर मोटी कमीशन लेकर भ्रष्टाचार किया गया है। सप्लायर द्वारा आर०सी०सी पाइप का बिल जो लगाया गया है तथा उसमें जो आर०सी०सी पाइप का दर का उल्लेख किया गया है वह अन्य सप्लायरो से बढ़ाकर किया गया है। जो कि उपरोक्त दस्तावेजों से प्रमाणित है इस तरह सप्लायर एवं अधिकारीगण मिलीभगत की राशि का बंदरबांट किए हैं।
छत्तीसगढ़ शासन के अनुसार आर०सी०सी पाइप की खरीदी या तो आर०सी के आधार पर सी०एस०आई०डी०सी के द्वारा जो दर निर्धारित किया गया उनके अनुसार करनी थी या अगर सी०एस०आई०डी०सी के दर के अनुसार क्रय नहीं किया गया तो छत्तीसगढ़ भंडार क्रय नियम के तहत उपरोक्त आर०सी०सी पाइप की खरीदी कार्यपालन अभियंता जल संसाधन विभाग रामानुजगंज के द्वारा करना था तथा उसके लिए विधिवत टेंडर की प्रक्रिया करनी थी लेकिन ऐसा ना कर कार्यपालन अभियंता जल संसाधन विभाग रामानुजगंज एवं सप्लायर मिलीभगत कर फर्जी बिल वाउचर बनाकर राशि निकाल लिया गया है। ना तो मौका स्थल पर कोई पाइप की सप्लाई हुई है और ना ही उसका भौतिक सत्यापन हुआ है इसलिए भी कार्यपालन अभियंता एवं उक्त सप्लाई में संलग्न समस्त अधिकारी एवं सप्लायर पूर्ण रूप से जिम्मेदार है।
प्रदेश में जल संसाधन विभाग के अन्य कार्यालयों में आर०सी०सी पाइप की खरीदी के लिए विगत 3 से 4 वर्षों में 20 से 25% सभी टेंडर बिलो में गए हैं अगर उपरोक्त आर०सी०सी पाइप की खरीदी टेंडर के माध्यम से कराई गई होती तो शासन को 20 से 25% का लाभ मिलता लेकिन शासन को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य एवं स्वयं के लाभ अर्जित करने के लिए नियमों के विरुद्ध रामानुजगंज में उपरोक्त आर०सी०सी पाइप की खरीदी का शासन को करोड़ों रुपए की क्षति पहुंचाई गई है जिसके लिए कार्यपालन अभियंता जल संसाधन संभाग क्रमांक 2 रामानुजगंज एवं उसके अधीनस्थ अधिकारी की मिलीभगत प्रमाणित है।
कार्यपालन अभियंता द्वारा जितनी भी पाइप खरीदी बताई गई है वह आवश्यकता से अधिक पाइप की खरीदी बताई गई है जिसका अगर मौके पर भौतिक सत्यापन कराया जाएगा तो असलियत प्रमाणित हो जाएगी और उपरोक्त पाइप की खरीदी सिर्फ कागजों में किया गया है मौके पे पाइप उपलब्ध नहीं है जिसमें ऊपर से नीचे तक के अधिकारी की मिलीभगत प्रमाणित है।
आर०सी०सी पाइप की खरीदी सरगुजा संभाग को छोड़कर अन्य संभागों में ठेकेदारों द्वारा सप्लाई की जाती है। अन्य संभागों में विभाग द्वारा कोई भी आर०सी०सी पाइप की खरीदी स्वयं नहीं किया जाता है। यहां रामानुजगंज संभाग में आर०सी०सी पाइप की जो खरीदी की गई है वह करोड़ों के घोटाले को इंगित करती है। इसलिए उपरोक्त तथ्यों की जांच कराकर जल संसाधन संभाग रामानुजगंज के कार्यपालन अभियंता, अनुविभागीय अधिकारी एवं उप अभियंताओ तथा उक्त सप्लाई में संलग्न अधिकारी कर्मचारी के विरुद्ध शासकीय राशि का गलत तरीके से गमन करने, भ्रष्टाचार करने तथा शासकीय राशि का गबन करने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करने के संबंध में अपराधिक प्रकरण दर्ज कराये जाने की मांग डी०के० सोनी के द्वारा की गई है।
जिसके आधार पर आयुक्त सरगुजा संभाग में उपरोक्त तथ्यों की जांच हेतु दिनांक 6/11/2020 को कलेक्टर बलरामपुर-रामानुजगंज को आदेश देते हुए पत्र जारी किया गया कि उक्त तथ्यों की जांच करा कर नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही कमिश्नर कार्यालय को करवाएं।

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Lokesh war waghmare - Founder/ Editor

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